आज है वक्त तुम्हारा, तो कल हमारा भी होगा,...
साथ छूटेगा गर , तब भी पार मेरा किनारा होगा .....
फर्क ना तुम मे , ना मुझ मे कुछ ज्यादा होगा..
एक गुनाह तुम्हारा और एक गुनाह हमारा होगा।
साथ छूटेगा गर , तब भी पार मेरा किनारा होगा .....
फर्क ना तुम मे , ना मुझ मे कुछ ज्यादा होगा..
एक गुनाह तुम्हारा और एक गुनाह हमारा होगा।
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